ग्रामोत्थान विद्यापीठ बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय

Grammothan Vidyapeeth Sangaria

स्वामी केशवानंद जी ने संगरिया में 1932 में पदार्पण कियाथा। सन् 1950 के आते आते वे समझ गये कि महिला शिक्षा के बिना राष्ट्र और समाज का विकास असंभव है। उन्होंने 1950 में संगरिया में महिला आश्रम की स्थापना की।इस आश्रम में महिलाओं को शिक्षित करने का कार्यक्रम शुरू किया। स्वामी जी ने इस आश्रम के संचालन के लिये श्रीमती सावित्री देवी को संचालिका का कार्यभार दिया। स्वामी जी और सावित्री देवी ने महिला आश्रम में ही लड़कियों का स्कूल शुरू किया। यही विद्यालय 1957 में कला संकाय के साथ हाईस्कूल के रूप में विकसित हुआ। 1972 में कक्षा 11 तक विद्यालय क्रमोन्नत हुआ। उस समय कक्षा 11 तक के विद्यालय को हायर सैकंडरी स्कूल कहा जाता था। इसमें 1978 में विज्ञान वर्ग प्रारंभ हुआ। 1980 में सिलाई कला, संस्कृत,नागरिक शास्त्र, चित्रकला एवं गृह विज्ञान विषयों को स्थाई मान्यता मिली। 1988 में 10+2 के स्तर की मान्यता मिली।
1996 के बाद इस बालिका विद्यालय में नये नये विषय एवं संकाय प्रारंभ होते रहे हैं। बालिका विद्यालय के साथ ही लड़कियों के लिये स्वामी केशवानंद छात्रावास और सावित्री देवी छात्रावास है। दोनों छात्रावास प्रांरभ से ही सुविधायुक्त एवं सुरक्षित रहे हैं। विद्यालय में कक्षा कक्ष, विशाल हाल, प्रयोगशालाओं से युक्त विज्ञान खंड, बाल संग्रहालय , खेल मैदान आदि से सुसज्जित है।

सन् 2011 तक विद्यालय को 80प्रतिशत अनुदान प्राप्त होता था। राज्य सरकार द्वारा पूरे प्रदेश के साथ ही इस विद्यालय का अनुदान बंद कर दिया गया। इसके बावजूद विद्यालय में स्टाफ कम नहीं किया गया ओर सभी संकाय, विषय, पूर्ववत् बालिकाओं को शिक्षा दे रहे हैं।

इस समय +2 स्तर पर कला, विज्ञान, गृहविज्ञान और कृषि एवं वाणिज्य संकाय की कक्षाएं हैं। विद्यालय में प्रतिवर्ष राज्यस्तरीय और जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के लिये यहां उपलब्ध खेल, मैदान, आवास आदि की सदा ही प्रतियोगियों एवं एवं अधिकारियों द्वारा सराहना की जाती रही है। यहां की छात्राओं ने भी खेल प्रतियोगिताओं ,एन.एस.एस,एन.सी.सी., स्काउड गाइड, एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं एवं प्रदर्शनी आदि में भाग लेकर अपनी सर्वोच्चता प्रदर्शित की है। विद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं ईको क्लब की इकाई संचालित है।

इस समय विद्यालय में शिक्षक स्टाफ 23 तथा 09का अन्य स्टाफ कार्यरत है। विद्यालय के पूर्व कर्मचारियों की देनदारी का भुगतान किया जा रहा है। अब तक पूर्व कर्मचारियों को एरियर, पी.एल.एन कैशमेंट, ग्रेच्यूटी आदि की मद में साढे तैंतीस लाख रूपये का भुगतान किया जा चुका है। जबकि बालिका विद्यालय की 2003 से 2011 तक की अनुदान राशि लगभग 24.00 लाख रुपये राज्य सरकार की ओर बकाया है।