गृह विज्ञान महिला महाविद्यालय

Grammothan Vidyapeeth Sangaria

ग्रामोत्थान विद्यापीठ संगरिया की प्रबंध समिति के अध्यक्ष के रूप में चौ.अभय सिंह चौटाला का सर्वसम्मति से निर्वाचन जनवरी 1996 में हुआ था। उसी वर्ष संस्था में तीन नये विभागों की स्थापना हुई थी, इनमें से एक है- ग्रा.वि.गृह विज्ञान महिला महाविद्यालय- महाविद्यालय की स्थापना दिनांक 24.9.1996 को की गयी एवं सत्र 1996-1997 से गृहविज्ञान संकाय कुछ 26 छात्राओं से स्नातक स्तर पर संचालित हुआ। 1998-99 से कला संकाय प्रारंभ किया गया जिसमें स्नातक स्तर पर इतिहास, राजनीति विज्ञान, गृहविज्ञान एवं हिंदी साहित्य विषय प्रारंभ किये गये। इसके बाद 1999-2000 से तीन विषय अर्थशास्त्र, चित्रकला एंव अंग्रेजी साहित्य प्रारंभ हुये एवं 2002-2003 से समाजशास्त्र विषय प्रारंभ हुआ। सत्र 2003-2004 से विज्ञान संकाय प्रांरभ किया गया एवं कला में पंजाबी विषय प्रांरभ किया गया।


सत्र 2005-2006 से स्नातकोत्तर स्तर पर अंग्रेजी साहित्य संचालित है। सत्र 2006-2007 से स्नातकोत्तर स्तर पर गृहविज्ञान संकाय फूड एंड न्यूट्रिशन संचालित है। सत्र 2008-2009 से स्नातक स्तर पर बीसीए प्रांरभ हुआ एवं सत्र 20011 -12 में बी.एससी नोन मेडिकल एव बी. कॉम . प्रांरभ हुआ है। निर्माण महाविद्यालय की स्थापना संस्था के पूर्व में बने चार कमरों में हुई थी । स्थापना वर्ष में ही महाविद्यालय में आवश्यकतानुसार निर्माण शुरू हो गया था। इस पर छात्रावास मद में 19,78,590/-रूपये महाविद्यालय मद में 93,94,687/- रूपये एवं छात्राफंड से 7,34,667 रूपये कुल 1,21,07944रूपये खर्च हुये है। इस हेतु केवल 10,00,000रूपये सांसद कोटे से पुस्तकालय एवं वाचनालय हेतु एवं स्वामी केशवानंद चैरिटेबल ट्रस्ट से 5,50,000 रूपये छात्रावास निर्माण हेतु अनुदान स्वरूप प्राप्त हुये है। महावि़द्यालय के दादीमां छात्रावास के निर्माण के लिये सेठ ओकारमल द्वारा अपनी माता और पत्नी की स्मृति में दस लाख रूपये की सहायता दी गई थी। इस समय महाविद्यालय में प्रशासनिक खंड के अलावा 10 कक्षाकक्ष 8 प्रयोगशाला, पुस्तकालय-वाचनालय , स्टाफ रूम तथा रंगमंच है। महाविद्यालय के अंदर ही खेल मैदान एवं खेलों के लिये अन्य सुविधाएं उपलब्ध है। छात्रावास में इस समय 80छात्राएं निवास कर रही हैं। शिक्षक स्टाफ 34 तथा अन्य स्टाफ 27 है।

अध्ययन में उत्कृष्टकता के साथ ही छात्राओं ने अन्य क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं-
प्रथम दीक्षांत समारोह में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल द्वारा महाविद्यालय की 5 छात्राओं को विश्वविद्यालय स्तर पर आने पर स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। द्वितीय दीक्षांत समारोह में महामहिम राज्यपाल श्री कल्याण सिंह द्वारा 8 छात्राओं को विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान पर रहने पर स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। कुमारी एकता राव ने गणतंत्र दिवस परेड में राजपथ, नई दिल्ली में मार्च पास्ट में भाग लेकर गौरवान्वित किया। खेलों में लगातार पांच बार विश्वविद्यालय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप एवं वॉलीबॉल में 15 बार चैम्पियनशिप 7बार कबड्डी व 5 बार खो-खो तथा 2बार क्रिकेट चैम्पियनशिप हासिल की है।

महाविद्यालय की छात्राओं ने अब तक खेलकूद प्रतियोगिताओं में 59 गोल्ड, 37रजत एवं 17 कांस्य मैडल प्राप्त किये है।

समय समय पर महाविद्यालय में महत्वपूर्ण अतिथि आये हैं तथा यहां की प्रगति पर उन्होंने प्रसन्नता प्रकट की है।

यहां आये प्रमुख अतिथि हैं-

चौ. ओमप्रकाश जी चौटाला (तत्कालीन मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार), डॉ. अजय सिंह चौटाला (तत्कालीन सांसद हरियाणा) डा.पी.एल. चतुर्वेदी (कुलपति , महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर), डॉ. आर.एम. परोदा महानिदेशक, आईसीआर नई दिल्ली, डॉ. होशियार सिंह कुलपति बीकानेर, विश्वविद्यालय, बीकानेर, डॉ.वी.तायल , कुलपति, बीकानेर विश्वविद्यालय, बीकानेर, श्री आर.एन अरविंद जिला कलेक्टर हनुमानगढ़।

महाविद्यालय में प्रतिवर्ष छात्राओं द्वारा निर्मित हस्तशिल्प की प्रदर्शनियों का आयोजन होता है।इसी प्रकार विश्वविद्य़ालय स्तरीय, राज्यस्तरीय और जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता हैं। वर्तमान में इस महाविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में 1184 छात्राएं अध्ययनरत हैं। यथा-

बी.एस-सी गृहविज्ञान-32 बी.एस-सी विज्ञान -298 बी.ए.कला-728 बी.काॅम वाणिज्य-44 एम.ए. -34 एम.एस.सी-31 बी.सी.ए.-17 महाविद्यालय विकास पथ पर चलते हुए शीघ्र ही अपने यहां कुछ नये पाठ्यक्रम प्रारंभ करने जा रहा है। यथा- चार वर्षीय बी.ए.बी.एड., बी.एससी.बी.एड. पाठ्यक्रम के लिए सरकार से पत्राचार चल रहा है। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर से अनापति प्रमाण पत्र प्राप्त कर निर्धारित शुल्क के साथ पत्रावली एन सी टी ई को निर्धारित तिथि से पूर्व प्रेषित की जा चुकी है।