कृषि विज्ञान केन्द्र

Grammothan Vidyapeeth Sangaria

संगरिया इस कृषि प्रधान क्षेत्र का मुख्य नगर है। गांव से नगर तक की इसकी प्रगति का कारण है यहां कृषि उपज का बढते जाना और संगरिया में ग्रामोत्थान विद्यापीठ की स्थापना। गत सौ वर्षों से ग्रामोत्थान विद्यापीठ जनजन में प्रारंभिक से लेकर उच्चतम स्तर तक की शिक्षा सुविधा उपलब्ध करवा रहा हे। क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए स्वामी केशवानंद जी ने 1962 में यहां कृषि महाविद्यालय की स्थापना की थी। उसी भावना के अनुरूप सन् 1996 में संस्था में केन्द्र सरकार की सहायता से कृषि विज्ञान केन्द्र की स्थापना हई। कृषि विज्ञान केन्द्र में स्थापना से अब तक अनेक नवनिर्माण हुए है। उन पर तथा अन्य गतिविधियों पर लगभग 1,80,47000रूपये व्यय हुए है।
स्थापना के साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र ने क्षेत्र के किसानों के लाभार्थ बड़े पैमाने पर प्रदर्शिनियां, आयोजन, सेवाएं आदि प्रारंभ कर दी। इस समय केन्द्र पर जारी प्रमुख प्रदर्शिनियां है।

1. मछली पालन प्रदर्शन इकाई
2. हाईटैक नर्सरी की स्थापना
3. वर्मी कम्पोस्ट यूनिट
4. अजोला उत्पादन इकाई
5. मधुमक्खी पालन इकाई
6. रंगीन मछली पालन इकाई
7. बीज प्रसंस्करण इकाई
8. बूंद-बूंद सिंचाई आधारित किन्नो बागवानी
9. क्रॉप म्यूजियम

इसके अलावा केन्द्र पर किसानों के लिये अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं इसमें प्रमुख हैं-

1. मृदा एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला
2. पादप स्वास्थ्य चिकित्सालय
3. कम्प्यूटर लैब
4. जिले के कृषकों के लिये एस.एम.एस. सुविधा
5. पशुओं के गोबर व खून जांच की प्रयोगशाला
6. केशव सीड्स तैयार कर उपलब्ध करवाना
7. कृषि साहित्य (पम्फलेटस, फोल्डर्स, केशव खेती त्रैमासिक पत्रिका) का प्रकाशन
8. फल फूल व सब्जियों की उन्नत किस्मों के रोग रहित पौध की उपलब्धता
9. किसानों को निःशुल्क कृषि सलाह सेवा
10. आकाशवाणी व दूरदर्शन के माध्यम से किसानों को तकनीकी जानकारी
11. विभिन्न समाचार पत्रों, कृषि पत्रिकाओं के माध्यम से समसामयिक जानकारी उपलब्ध कराना
12. कृषि व कृषि की विभिन्न विधाओं में कृषक, कृषक महिलाओं, ग्रामीण युवक व युवतियों तथा स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों को आवष्यकतानुसार प्रशिक्षण देना
13. स्थानीय परिस्थितियों के अनुरुप लघु अवधि के अनुसंधान कार्य करना
14. अग्रिम पंक्ति प्रदर्शनों के माध्यम से किसानों को नवीनतम तकनीकी से अवगत करवाना
15. समस्या समाधान हेतु किसानों के खेतों का निरीक्षण
16. महिलाओं के लिये स्वयं सहायता समूह तथा पुरुषों के लिये कृषक क्लबों का गठन करवाना।
कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा संगरिया में स्थापित भवन में ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के गांव-गांव ,ढाणी-ढाणी ओर खेत-खेत तक सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। गांवों में संचालित कुछ सेवाएं और उनकी संख्या है-

1. महिला स्वयं सहायता समूह - 15
2. मेरा गांव मेरा गौरव - 5
3. कृषि तकनीकी हस्तांतरण क्लबों का संचालन - 9
4. अजोला उत्पादन इकाई स्थापित - 250
5. अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन ईकाइयांें से लाभान्वित किसान - 1000
6. विभिन्न विषयों में अनुसंधान से प्राप्त तकनीकी के पूर्नमूल्यांकन हेतू लघु अवधि अनुसंधान कार्य - 100
7. कृषि समस्या समाधान हेतू केन्द्र के विशेषज्ञों के खेतों में भ्रमण - 3000
8. लगभग 1800 प्रशिक्षणों के माध्यम से लगभग 60000 किसानों, कृषक महिलाओं युवक व युवतियों को विभिनन विषयों में प्रशिक्षण प्रदान किया।
9. लगभग 900 कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं को नवीनतम तकनीकी से अपडेट करने हेतू प्रशिक्षण प्रदान किये।
10. विभिन्न कृषि अनुसंधान केन्द्रों व कृषि विष्वविद्याालयों में 9 कृषक भ्रमणों के माध्यम से 450 कृषकों को भ्रमण कराये।
11. आकाशवाणी के माध्यम से 182 रेडियो वार्ता किसानों के लिये प्रसारित की।
12. दूरदर्शन के माध्यम से 22 वार्तायें कृषक हित में प्रसारित की गई।
13. सामयिक विषयों व मौसम की जानकारी हेतु 25000 किसानों को सेवाये दी गई।
14. 210 पम्पलेट्स व फोल्डरों का प्रकाषन कर किसानों को स्थानीय भाषा में कृषि साहित्य उपलब्ध कराया गया।
15. अक्टूबर 2001 से त्रैमासिक कृषि पत्रिका केशव खेती का नियमित प्रकाशन व 10000 से अधिक सदस्यों का जुड़ाव।
16. 12000 मृदा एवं जल के नमूनों का परीक्षण कर कृषकों को उसके उचित उपयोग की सलाह दी गई।
17. केशव नर्सरी के माध्यम से फल, फूल व सब्जी की 800000 पौधे तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराई गई।
स्थापना वर्ष से अब तक इस केन्द्र का अवलोकन करने, यहां की गतिविधियों की जानकारी लेने के लिये देश विदेश से कई जनप्रतिनिधि मंत्री सांसद, विधायक कुलपति, अधिकारी, वैज्ञानिक किसान, व्यापारी एवं अन्य महानुभाव पधार चुके हैं। उनमे से कुछ है-
1. डॉ प्रताप नारायण सिंह, कुलपति स्वामी केशवानन्द राज. कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर 29.8.07
2. डॉ. आर.एन. गोस्वामी, निदेशक प्रसार षिक्षा स्वामी केशवानन्द राज. कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर 29.8.07
3. श्री साहबराम मोटीयार, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संगरिया 31.8.07
4. श्री सी.एल. चुघ, अध्यक्ष, एमजीबी ग्रामीण बैंक 17.9.07
5. डॉ. अनुपम बारिक, निदेशक, कपास विकास निदेशालय, मुम्बई 27.9.07
6. श्रीमति मुग्धा सिन्हा, जिला कलक्टर, हनुमानगढ़ 18.1.08
7. प्रो. एम.के. कौल, क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान, श्रीगंगानगर 7.2.08
8. डॉ. एम.के. मण्डपे, क्षेत्रीय समन्वयक, आईसीएआर, जोधपुर 7.2.08
9. श्री एम.जे. चन्द्रगोडा, कमीशनर, कृषि मंत्रालय, नई दिल्ली 11.8.08
10. डॉ. ए.एम. नरुला, निदेशक कपास अनुसंधान निदेशालय, मुम्बई 11.8.08
11. प्रो. घासीराम वर्मा, वाशिंगटन, अमेरिका 13.9.08
12. डॉ. ज्ञान प्रकाश पिलानिया, सदस्य, राज्यसभा 13.9.08 13. श्री कुलवन्तराय शर्मा, उपखण्ड अधिकारी, संगरिया 25.5.08 14. डॉ. एस.वी. सिंह, निदेशक आईसीएआर, नई दिल्ली 22.10.08 15. डॉ. ए.के. पुरोहित, निदेशक प्रसार शिक्षा स्वामी केशवानन्द राज. कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर 20.3.09 16. डॉ. बी.एस. यादव, क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान, श्रीगंगानगर 4.8.09 17. डॉ. अनुपम बारिक, निदेशक कपास विकास निेदेशालय, मुम्बई 4.12.09 18. श्री सुनील कुमार, पुलिस उप अधिक्षक, संगरिया 6.12.09 19. श्री जगदीष चन्द्र आर्य, उपखण्ड मजिस्ट्रेट, संगरिया 20.4.10 20. डॉ. बी.एल. पूनिया, डीन कृषि महाविद्यालय, स्वामी केशवानन्द राज. कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर 13.5.10 21. डॉ. अनिल कुमार, डीन पीजी कृषि महाविद्यालय, स्वामी केशवानन्द राज. कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर 13.5.10 22. डॉ. त्रिभुवन शर्मा, निदेशक प्रसार शिक्षा, राजूवास, बीकानेर 30.6.10 23. श्री चिरंजी लाल कटारिया, सहायक निदेशक, कपार्ट, जयपुर 30.6.10 24. श्री विरेन्द्र बेनीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक, राजस्थान विधानसभा, जयपुर 6.7.10 25. डॉ. अनिकुतन के. कुमार, सहायक निदेशक, एमपीडा, कोचिन 9.9.10 26. प्रो. पी.एन. कल्ला, निदेशक प्रसार शिक्षा, स्वामी केशवानन्द राज. कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर 15.4.11 27. श्री जगदीश चन्द्र आर्य, उपखण्ड मजिस्ट्रेट, संगरिया 4.5.11 28. श्री त्रिलोकाराम दहिया, ब्लाॅक विकास अधिकारी, संगरिया 30.5.11 29. श्रीमति शिमला कस्वां, प्रधान पंचायत समिति, हनुमानगढ़ 1.7.11 30. श्री शेर सिंह तूर, शिक्षाविद एवं पूर्व प्राचार्य, ग्रा.वि., संगरिया 18.7.11 31. श्रीमति शबनम गोदारा उपजिला प्रमुख, हनुमानगढ़ 22.7.11 32. प्रो. ए.के. दायमा कुलपति, स्वामी केशवानन्द राज. कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर 2.8.11 33. श्री कौशिक मजूमदार निदेशक, आईपीएनआई, गुड़गाव 2.3.12 34. चौधरी विनोद कुमार, कृषि राज्यमंत्री, राजस्थान सरकार 9.3.12 35. श्री राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित, अध्यक्ष राष्ट्रीय गोसेवा महासंघ, नई दिल्ली 8.3.12 36. श्रीमति शोभा सिंह डूडी, जिला प्रमुख, हनुमानगढ़ 7.6.12 37. श्री संदीप डूडी, अध्यक्ष केन्द्रीय सहकारी बैंक 7.8.12 38. श्री रामगोपाल प्रजापति एसडीएम, संगरिया 39. श्री एम.पी. सहू, अधिष्ठाता एवं चैयरमैन कृषि संकाय, स्वामी केशवानन्द राज. कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर 30.11.12 40 प्रो. आर. स्वामीनाथन, प्रधान वैज्ञानिक, महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्याालय, उदयपुर 19.1.13 41. श्री मुख्त्यार सिंह तोमर, बिजनैस मैन, कनाडा 19.2.13 42. श्री भरत गोयल, बिजनैस मैन, कनाडा 19.2.13 43. श्री विक्रम सिंह राठौड़, तहसीलदार, संगरिया 23.3.13 44. डॉ. वाई.वी. सिंह, क्षेत्रीय परियोजना निदेशक, क्षेत्रीय परियोजना निदेशालय, जोधपुर 8.4.13 45. प्रो. पी.एन. कल्ला, निदेशक प्रसार शिक्षा, स्वामी केशवानन्द राज. कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर 18.4.13 46. प्रो. सी.के. मुरडीया, निदेशक, प्रसार शिक्षा, राजूवास, बीकानेर 18.4.13 47. प्रो. ए.के. गहलोत, कुलपति, राजूवास बीकानेर 25.3.13 48. डॉ. सुभाष गोदारा, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, हनुमानगढ़ 25.9.13 49. श्री कृष्ण कड़वा, विधायक, संगरिया 15.2.14 50. डॉ. कौशिक मजूमदार, निदेशक आईपीएनआई, गुड़गांव 17.2.14 51. श्री आर.डी. स्वामी, उप अधीक्षक, पुलिस, संगरिया 12.5.14 52. डॉ. ओ.पी. शर्मा, संयुक्त निदेशक, राष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य प्रबन्ध संस्थान, हैदराबाद 19.5.14 53. डॉ. राजेश शर्मा, निदेशक कृषि व्यवसाय प्रबन्धन, स्वामी केशवानन्द राज. कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर 10.7.14 54. श्री संजय मानदाता, जिला विकास प्रबन्धक, नाबार्ड, हनुमानगढ़ 16.7.14 55. डॉ. अशोक चौधरी, अभिनव राजस्थान अभियान 3.1.15 56. श्री एस.पी. श्रीमाली, अध्यक्ष राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक, जोधपुर 29.1.15 57. डॉ. पी.पी. रोहिल्ला, क्षेत्रीय परियोजना निदेशक, आईसीएआर, जोधपुर 7.2.15 58. डॉ. त्रिभुवन शर्मा, निदेशक राजूवास, बीकानेर 7.2.15 59. श्रीमति रजनीबाला, प्रधान पंचायत समिति संगरिया 14.7.15 60. श्री राजेन्द्र पारीक, जिला सैशन न्यायाधीश, हनुमानगढ़ 4.12.15 61. श्री वैभव ग्लैरिया, कमीश्नर राजस्थान, जयपुर 27.7.16 संगरिया में भगतपुरा रोड़ पर ग्रामोत्थान विद्यापीठ की 5 बीघा भूमि पर कृषि विज्ञान केन्द्र का मुख्य भवन एवं अन्य विभाग, अनुभाग स्थित हैं। इसके साथ ही केन्द्र की 80 बीघा कृषि भूमि है। जिसके चप्पे चप्पे पर आधुनिक कृषि तकनीक से खेती की जाती है। कृषि विज्ञान केन्द्र में विभिन्न पदों पर कार्यरत की संख्या निम्न प्रकार है। क्र. सं. पदनाम संख्या 1. वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विभागध्यक्ष 1 2. विषय विषेषज्ञ (विभिन्न कृषि विषय) 6 3. कार्यक्रम सहायक 3 4. सहायक 1 5. स्टेनोग्राफर 1 6. वाहन चालक 2 7. सहायक कर्मचारी 2
केन्द्र की कार्यकुषलता की सर्वत्र प्रषंसा हो रही है यहां की गतिविधियों कई बार पुरस्कृत हुई हैं, जिनमें प्रमुख हैं:-

  • वर्ष 2010 में महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विष्वविद्यालय, उदयपुर राष्ट्रीय स्तरीय कृषि सम्मेलन में तत्कालीन राष्ट्रपति श्रीमति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने कृषि विज्ञान केन्द्र की स्टाल का अवलोकन किया तथा केन्द्र की कार्यशैली की प्रशंसा की।
  • वर्ष 2010 में उत्कृष्ट कार्य करने पर केन्द्र के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनूप कुमार को जिला स्तर पर सम्मानित किया गया।
  • 2010 में कृषि विज्ञान केन्द्र से मार्गदर्षित किसान श्री अरविन्द कुमार धारणिया, चक 5 एनटीडब्ल्यू संगरिया को जैविक खेती हेतु जिला स्तर पर सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 2012 में कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा संचालित श्री गुरु नानक महिला स्वयं सहायता समूह, संगरिया की अध्यक्षा श्रीमति सुरेन्द्र कौर को समूह के संचालन तथा महिला स्वरोजगार हेतु उपखण्ड स्तर पर सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 2014 में कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा मार्गदर्षित किसान श्री रघुवीर गोदारा, नाईवाला को सब्जी उत्पादन हेतु उपखण्ड स्तर टिब्बी पर सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 2015 में केन्द्र द्वारा प्रषिक्षित महिला श्रीमति कविता कस्वां, बोलावाली को ‘‘ब्यूटी पार्लर’’ स्वरोजगार हेतु उपखण्ड स्तर संगरिया द्वारा सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 2015 में केन्द्र द्वारा मार्गदर्षित प्रगतिषील किसान श्री मदन कुकना, दीनगढ़ को सब्जी फसलों के बीज एवं फलदार पौधों की पौध तैयार करने हेतु उपखण्ड स्तर संगरिया द्वारा सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 2015 में श्री हरीराम, हरीपुरा को मषरुम उत्पादन को नवाचार में अपनाने पर उपखण्ड स्तर संगरिया द्वारा सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 2015 में श्री सीताराम, गांधीबड़ी को मषरुम उत्पादन में उत्कृष्ट कार्य के लिये जिला स्तर पर सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 2016 में केन्द्र के पौध संरक्षण वैज्ञानिक श्री उमेष कुमार को उनके उत्कृष्ट कार्य हेतु उपखण्ड स्तर संगरिया द्वारा सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 2016 में केन्द्र द्वारा प्रषिक्षित श्रीमति गायत्री राठौड़, बेहरवाला कलां को उपखण्ड टिब्बी द्वारा, राज्य स्तर पर ग्लोबल मिट 2016 के दौरान मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार श्री मति वसुंधरा राजे द्वारा सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त केन्द्र द्वारा प्रति वर्ष जिला स्तरीय किसान मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें 6 से 7 हजार किसान भाग लेते हैं तथा गत वर्ष से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं अन्तर्राष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य दिवस का आयोजन भी एक मेले के रुप में किया जाता है। जिसमें क्षेत्र के किसान एवं चुने हुये जनप्रतिनिधि भाग लेते हैं। कृषि विज्ञान केन्द्र का निरन्तर विकास हो रहा है। इसकी कुछ नव स्थापित योजनायें हैं -

  • मषरुम उत्पादन इकाई
  • पशु रोग जांच प्रयोगषाला
  • वर्मी कम्पोस्ट इकाई
  • अलंकृत मछली इकाई
  • अजोला उत्पादन इकाई
उनका परिणाम शीघ्र ही सामने आयेगा। केन्द्र की भावी योजनाये हैं-

  • समन्वित कृषि प्रणाली इकाई
  • मुर्गी पालन इकाई
  • बकरीपालन इकाई
  • फल एवं सब्जी परिरक्षण इकाई