ठाकुर गोपाल सिंह जी

Grammothan Vidyapeeth Sangaria

दानवीर ठाकुर गोपाल सिंह ग्राम पन्नीवाली तहसील हनुमानगढ के निवासी थे। वे चौधरी बहादुर सिंह के फौजी-साथी थे जिन्होंने केवल विद्यालय की स्थापना में सहयोग ही नहीं बल्कि विद्यालय के नाम इलाके की ग्रामीण आबादी को ध्यान में रखकर, जाट विद्यालय रखने का सुझाव भी दिया एवं उसके भवनों एवं खेल के मैदान बनाने के लिये अपनी संगरिया-स्थित भूमि में से चैदह बीघे तीन बिस्वे भूमि जाट स्कूल के लिये दान में देकर विद्यालय को स्थायित्व भी प्रदान किया। किसी राजपूत सरदार का जाट संस्था के लिए भूमिदान का यह एक अनुपम उदाहरण है। ठाकुर साहब जाट विद्यालय की स्थापना से लेकर अपने देहावसान (सन् 1944) तक विद्यालय के प्रबंध एवं इसके लिए दान-संग्रह में संचालकों के सतत् सहयोगी रहे। उनके पुत्रों ने भी स्वामी केशवानंद जी को स्त्री शिक्षा-संस्था के लिये संगरिया में भूमि दान देकर अपने पिताश्री के पदचिन्हों पर चलते हुए संस्थान से सहयोग किया।