केन्द्रीय कार्यालय

Grammothan Vidyapeeth Sangaria

ग्रामोत्थान विद्यापीठ संगरिया से हमारा चार पीढियों से संबंध रहा है। शिक्षा का हमारा आधार इस संस्था के स्कूल रहे हैं। सन् 1996 में मैंने जन आग्रह को स्वीकार करते हुए प्रबंध समिति के अध्यक्ष का पद ग्रहण किया था। मुझे खुशी है कि मतदाता सदस्यों ने मुझे सर्वसम्मति से अध्यक्ष निर्वाचित किया। संस्था में आने का मेरा और प्रबंध समिति के अन्य सस्दयों का एक मात्र ध्येय रहा है कि स्वामी केशवानंद जी महाराज की इस अमर धरोहर को सदा के लिये जनोपयोगी बनाएं रखें। संस्था अब 100 वर्ष की हो गई है। इस क्षेत्र की तमाम जनता को इसकी बधाई देता हूं। आप सभी के आग्रह करता हूं कि आप इसके संचालन और विकास में पूर्ववत सहयोग देते रहें ताकि स्वामी जी की यह अमर धरोहर सदियों तक जन जन की सेवा करती रहे।
- अभय सिंह चौटाला